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 दुनिया का नेतृत्व करेगी सांस्कृतिक शक्ति  : शिवराज सिंह चौहान

नयी दिल्ली:”भारत वसुधैव कुटुंबकम में विश्वास करता है, लेकिन अगर कोई दादागिरी करेगा तो हम शांत नहीं बैठेंगे क्योंकि हमारे लिए राष्ट्रहित सर्वोपरि है।” केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यहां भारत मंडपम में गायत्री परिवार के कार्यक्रम ‘राष्ट्र के जागरण का समय आ गया’ में अपने संबोधन के दौरान यह बात कही।श्री चौहान ने इस अवसर पर लोगों को नशा से मुक्ति की शपथ दिलायी और सभी स्वदेशी का संकल्प लेने और देश में बने उत्पाद खरीदने का आह्वान किया।

इस कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यटन एवं सांस्कृतिक मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, जनजातीय विभाग के केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गा दास उइके और स्वामी नारायण संस्था के अंतरराष्ट्रीय प्रमुख एवं आबूधामी अक्षरधाम मंदिर के संस्थापक स्वामी ब्रह्म बिहारी गायत्री भी मौजूद थे।श्री चौहान ने कहा कि इस समय देश में राष्ट्रीय जागरण का महायज्ञ चल रहा है, इसमें कौन कितनी आहूतियां डाल पाता है यह सौभाग्य की बात है। देश के नागरिकों के संकल्प से ही इसे साकार किया जा सकता है।

श्री चौहान ने कहा कि इस समय देश में वैश्विक परिस्थितियों के चलते हालात उथल पुथल वाले हैं। भारत ‘वसुधैव कुटुंबकम’ में विश्वास करता है, लेकिन कोई दादागिरी करेगा तो हम शांत नहीं बैठेंगे क्योंकि हमारे लिए राष्ट्रहित सर्वोपरि है। केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि यह बात हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी कई मंचों से यह बात कई बार साफ कर चुके हैं। उन्होंने हालिया ऑपरेशन सिंदूर पर कहा कि भारत शांति का पक्षधर है लेकिन अगर हमारे घरों में हमले होंगे तो चुप नहीं बैठेंगे और करारा जवाब देंगे।

श्री चौहान ने कहा इस उथल पुथल वाले हालात में राष्ट्र का नवनिर्माण स्वदेशी से होगा। उन्होंने कहा कि अगर हम स्वदेशी का पूर्णत: पालन करें तो देश विश्व की तीसरी अर्थव्यस्था बन जाएगा। उन्होंने गायत्री परिवार के योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गायत्री परिवार पूरे विश्व में भारतीय संस्कृति का परचम लहरा रहा है। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित लोगों को नशा छोड़ने के लिए लोगों को शपथ दिलाई।
श्री शेखावत ने अपने संबोधन में कहा कि अंग्रेजों के जुल्म के बावजूद हमारी संस्कृति मजबूत हुई है तमाम उतार चढ़ाव के बावजूद इसे कोई नष्ट नहीं कर पाया है.

उन्होंने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब भारतीय संस्कृति दुनिया का कल्याण एवं नेतृत्व करेगी। उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार में भारत की सांस्कृतिक दृष्टि है और राष्ट्र के नव निर्माण का संकल्प हम सभी के सहयोग से संभव होगा।श्री उइके ने कहा कि अब राष्ट्र के जागरण का समय आ चुका है 21वीं सदी का भविष्य उज्ज्वल है। उन्होंने कहा कि वे यहां पर आज सांस्कृतिक परिवर्तन के लिए एकत्र हुए हैं उनका संकल्प पूरा होगा।

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