साइबर क्राइम के लिए जबलपुर हॉट स्पॉट
जबलपुर: साइबर ठग प्रतिदिन नए-नए पैंतरे आजमा कर फ्रॉड कर रहे है। ठगी के मकडज़ाल मेें पढ़े लिखे लोगों के साथ भोले भाले लोग भी फंसकर अपनी जीवन भर कर जमा पुंजी गवां रहे है। साइबर ठगी के लिए जबलपुर भी हॉट स्पॉट रहा है। साइबर ठगों से जुड़ा एक चौंकाना वाला आंकड़ा सामने आया है। दरअसल राज्य साइबर पुलिस के जानकारी पहुंची है कि 68 करोड़ इंटरनेट यूजर के ईमेल आईडी और पासवर्ड साइबर अपराधियों के पास पहुंच गए है। जिसके चलते इन सभी व्यक्तियों के सोशल मीडिया एकाउंट, बैंकिंग व अन्य ऑनलाइन अकाउंट खतरे में आ सकते है।
जबलपुर जोन में न जाने ऐसे कितने ई मेल आईडी यूजर होगे जिनकी आईडी साइबर ठगों के पास पहुंच चुकी है। यूजर को सावधानी बरतना होगी वरना उनका खाता खाली हो सकता है। अगर आंकड़ों पर नजर दौड़ाई जाएं तो साइबर ठगों ठगी के मकडज़ाल मेंं फंसे लोगों के साथ कुल 12 करोड़ 74 लाख रूपए का साइबर फ्रॉॅड हुआ है। ये फ्रॉड की वारदातें राज्य साइबर पुलिस के रिकॉर्ड मेें दर्ज है।
साइबर ठग नए नए पैंतर आजमा कर फ्रॉड कर रहे है। डिजीटल अरेस्ट, लोन एप फ्रॉड, वित्तीय फ्रॉड की वारदातें बढ़ रही है। साइबर अपराधियों के टारगेट मेें सबसे अधिक वृद्धजन है। दस्तावेजों को अपडेट करने, गिफ्ट, लिंक के जरिए भी जालसाजी कर ठग डाटा चुराकर खाते खाली कर रहे है।इसके अलावा शेयर मार्केट मेंं मुनाफे का लालच, ऑनलाइन ट्रेडिंग, घर बैठे जॉब, ऑनलाइन पार्सल, मोबाइल हैक करने के साथ भी ठगी की वारदातें हो रही है कई तो ऐसे भी मामले सामने आए है जिसमें बिना ओटीपी पूछे ही खाते से रकम निकाल ली गई है।
पासवर्ड बदले, संदिग्ध मेल, मैसेज, लिंक पर क्लिक न करे
राज्य साइबर जबलपुर जोन प्रभारी श्रीमति नीलेश अहिरवार ने बताया कि 68 करोड़ इंटरनेट यूजर के ईमेल आईडी और पासवर्ड सायबर अपराधियों के पास होने का मामला संज्ञान में आया है। पासवर्ड लीक होने की स्थिति में यूजर को तुरंत अकाउंट्र्स के पासवर्ड बदल देने चाहिए। प्रत्येक वेबसाइट ऐप के लिए अलग-अलग पासवर्ड रखने चाहिए। संदिग्ध ई मेल, एसएमएस, लिंक पर क्लिक न करें। अनजान ऐप या बेवसाइट पर लॉग इन न करें।
