आईडीए हाईकोर्ट में जीता, बस ऑपरेटरों की याचिका खारिज
इंदौर:आईडीए द्वारा निर्मित नायता मुंडला बस स्टैंड शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है. आईडीए के खिलाफ बस ऑपरेटरों द्वारा लगाई याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया. साथ ही हाईकोर्ट ने राज्य शासन के गजट नोटिफिकेशन को जनहित में शासन की पॉलिसी का हिस्सा मानते हुए सही ठहराया है.नायता मुंडला बस स्टैंड को लेकर बस ऑपरेटरों सुरेंद्र कुमार, रोहन सोनकर और महेंद्रसिंह और अन्य की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने आज फैसला सुना दिया. हाईकोर्ट जस्टिस सुबोध अभ्यंकर ने तीनों याचिकाओं की सुनवाई करते हुए कहा कि शासन ने नियमानुसार बस स्टेंड शिफ्ट करने के कार्रवाई की है.
शासन ने शहर में बढ़ते यातायात और जनहित को ध्यान में रखकर नए बस स्टेंड बनाकर शहर के बाहर से बसें संचालित करने का निर्णय लिया है. उक्त निर्णय जनहित को ध्यान में रखकर शासन की पॉलिसी का हिस्सा है, जो पूर्ण रूप से कानून सम्मत और उचित है. नायता मुंडला बस स्टैंड आईडीए द्वारा करीब 20 करोड़ रुपए के लागत से बनाया था. तत्कालीन कलेक्टर आशीष सिंह ने महाराष्ट्र के नागपुर, अमरावती, अहमद नगर, बैतूल, हरदा, मुल्ताई, हंडिया, चापड़ा रूट की बसें उक्त बस स्टैंड से चलाने के निर्देश दिए थे. बस ऑपरेटर उक्त नए बस स्टैंड से बसें संचालन करने के निर्णय के खिलाफ हाईकोर्ट से स्थगन ले आए थे. आज उक्त स्थगन और याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर आईडीए के पक्ष में फैसला सुना दिया.
नियमानुसार गजट नोटिफिकेशन किया
ध्यान रहे कि संभागीय परिवहन प्राधिकारी और अपर कलेक्टर राजेश राठौर ने 26 फरवरी 2024 को राज्य शासन के नियमानुसार गजट नोटिफिकेशन किया था. नोटिफिकेशन में उल्लेख है कि जनहित में इंदिरा कॉम्प्लेक्स और नवलखा बस स्टैंड को गैर अधिसूचित किया जाता है. साथ उक्त बस स्टेंड से संचालित होने वाली सभी बसें नए अधिसूचित नायता मुंडला बस स्टैंड से संचालित होगी
