प्लाट दिलाने के नाम पर हड़पे 13. 54 लाख
जबलपुर: जबलपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) का प्लाट दिलाने के नाम पर जालसाज ने 13 लाख 54 हजार रूपए हड़प लिए। पुलिस ने रिपोर्ट पर आरोपित के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कर ली। आरोपित पूर्व में भी कईयों को जेडीए प्लाट दिलाने नाम पर धोखाधड़ी कर चुका है और जेल जा चुका है।लार्डगंज पुलिस के मुताबिक कंचन दीक्षित पिता स्व. कैलाशनाथ दीक्षित 50 वर्ष निवासी पुरानी चरहाई फूल मण्डी लार्डगंज ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वर्ष 2021 में पड़ोसी अंशु सेन एवं ऋषि साहू एवं भानू जैन के माध्यम से उसकी और सविता पाण्डेय की पहचान गुरूमूर्ति निवासी सर्वोदयनगर उजारपुरवा से हुई।
जिसने उसे और सविता पाण्डेय को जबलपुर विकास प्राधिकरण स्कीम न. 6 जबलपुर में प्लाट दिलाने के आश्वासन दिया और कहा कि जबलपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारी से जान पहचान है प्लाट आबंटन कराने में मदद करूँगा। गुरूमूर्ती के द्वारा बताया गया कि जबलपुर विकास प्रधिकरण जबलपुर के स्कीम न. 06 जबलपुर में स्थित भूखण्ड क्रमांक आई -1067 रकवा 4500 वर्गफुट प्लाट की कीमत 1800 से 2200 रूपये वर्गफुट के बीच में प्लाट आबंटन करा दूँगा।
41.44 लाख लाख जमा कराये, रसीद 20 लाख की दी-
पीडि़त ने बताया कि गुरूमुर्ति द्वारा प्लाट ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन कराया और कुल राशि 41, 44, 000 रूपये जमा कराये जाने की पावती रसीद माँगी गई तो गुरूमुर्ति द्वारा प्रदान की गई रसीद में कुल राशि 118 रूपये एवं शब्दों में बीस लाख बहत्तर हजार रूपये दो अलग अलग रसीद एक ज्योति दीक्षित एवं सविता पाण्डेय के नाम पर दिया एवं गुरूमुर्ति द्वारा प्लाट के आबंटन के लिए अधिकारियों को प्लाट की फाईल आगे बढाने 1, 10, 000 रूपए नगद दिए गए।कुल राशि 42, 54, 000 लेने के बाद भी न तो प्लाट आबंटन कराया और न ही रजिस्ट्री कराई।
जेडीए पहुंचा तो विश्वासघात का चला पता
पीडि़त जब जबलपुर विकास प्रधिकरण के कार्यालय में जाकर उक्त आबंटन रसीद दिखाया तो जेडीए अधिकारी द्वारा अमान्य बताया एवं किसी भी प्रकार की रसीद जेडीए कार्यालय को प्राप्त नही हुई थी। जब पीडि़त ने थाने में शिकायत को कहा तो गुरूमूर्ति ने सविता पाण्डेय को 18, 00, 000 रूपये किश्तो में दिये और रिपोर्टकर्ता को 11, 00, 000 रूपये भी किश्तो में लौटाया है, लेकिन शेष 13, 54, 000 रूपए नहीं दिए जिसे हड़प गया
