सिंहस्थ से पहले आएगा बड़ा निवेश
उज्जैन: मुख्यमंत्री की विदेश यात्राएं हमेशा राज्य के लिए लाभकारी साबित हुई हैं और इस बार भी करोड़ों-अरबों का निवेश एमपी सहित उज्जैन में आएगा. संभावना ये भी जताई जा रही है कि विदेश दौरे के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी मुलाकात हो सकती है.जब-जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विदेश यात्रा पर गए हैं, तब-तब मध्यप्रदेश और विशेष रूप से उज्जैन को बड़े निवेश मिले हैं. महाकाल की नगरी उज्जैन में सिंहस्थ महाकुंभ 2028 की तैयारियां जोरों पर हैं.
ऐसे में एक बार फिर मुख्यमंत्री की विदेश यात्रा से उज्जैन में बड़े प्रोजेक्ट, उद्योग और कंपनियों के आने की उम्मीद जताई जा रही है. देश-विदेश से महाकाल के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं में कई ऐसे उद्योगपति और निवेशक भी हैं, जो उज्जैन में औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने के इच्छुक हैं. इससे न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि बेरोजगारी के कारण हो रहे पलायन पर भी रोक लगेगी. धर्मनगरी उज्जैन के उद्योग नगरी के रूप में विकसित होने की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने के लिए स्विट्जरलैंड के दावोस की यात्रा करेंगे. वे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 में हिस्सा लेंगे, जिसकी थीम ए स्पिरिट ऑफ डायलॉग’ और अनलॉकिंग न्यू सोर्सेस ऑफ ग्रोथ’ रखी गई है.राज्य सरकार निवेश, उद्योग और रोजगार सृजन को विकास रणनीति का केंद्र मानकर कार्य कर रही है. दावोस यात्रा के माध्यम से मैन्युफैख्रिंग, नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, टेक्सटाइल, रसायन उद्योग और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में वैश्विक निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया जाएगा.
लगभग पांच वर्षों बाद वैश्विक मंच पर राज्य सरकार की सक्रिय भागीदारी को प्रदेश की नई आर्थिक गति का संकेत माना जा रहा है.मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने निवेश नीतियों को सरल, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल बनाया है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, तेज निर्णय प्रक्रिया और सुगम भूमि आवंटन प्रणाली को अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के समक्ष प्रमुखता से रखा जाएगा. सरकार का उद्देश्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि दीर्घकालिक और भरोसेमंद साझेदारियां विकसित करना है.दावोस एजेंडे में अडानी समूह के साथ ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़े एमओयू, अडानी डिफेंस के साथ रक्षा उत्पादन सहयोग, स्विट्जरलैंड की शिवाग एजी को औद्योगिक भूमि आवंटन, डीपी वर्ल्ड (यूएई) के साथ लॉजिस्टिक्स हब और फ्रांस की सानोफी द्वारा भोपाल में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल हैं. इसके साथ ही वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के सहयोग से मध्यप्रदेश में सेंटर फॉर फोर्थ इंडस्टि्रयल रिवोल्यूशन की स्थापना का प्रस्ताव भी चर्चा में रहेगा. कुल मिलाकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की यह विदेश यात्रा उज्जैन और मध्यप्रदेश के लिए निवेश, रोजगार और समग्र विकास की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है
