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लोको पायलट को दी थी सावधानी बरतने की सलाह,दुर्घटना को लेकर रेलवे की सफाई

नयी दिल्ली: हाथियों के झुंड की आवाजाही के संबंध में लुमडिंग रेंज के रेंज वन अधिकारी के कार्यालय द्वारा दिये जाने के बावजूद दुर्घटना घटित होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।असम के होजाई में शनिवार सुबह सैरांग-नयी दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में आने से सात हाथियों की मौत के मामले में रेलवे ने स्पष्टीकरण दिया है कि हाथियों की आवाजाही के बारे में जानकारी मिलने पर लोको पायलटों को सतर्कता के साथ आगे बढ़ने और पटरियों पर हाथियों की मौजूदगी की स्थिति में रुकने के लिए तैयार रहने की सलाह दी जाती है और इस मामले में भी ऐसा किया गया था।

रेलवे का कहना है कि इसके अलावा अस्थायी गति प्रतिबंध लगाए जाते हैं जिन्हें संबंधित राज्यों के वन विभागों से प्राप्त जानकारी और सलाह के आधार पर समय-समय पर संशोधित किया जाता है।श्री शर्मा ने कहा कि यह घटना ऐसे स्थान पर हुई जो निर्दिष्ट हाथी गलियारा नहीं है। उन्होंने कहा, “हाथियों के झुंड को देखकर लोको पायलट ने आपातकालीन ब्रेक लगाए लेकिन हाथी ट्रेन से टकरा गए। कोई यात्री हताहत नहीं हुआ है या चोट नहीं आई है।”

उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र गुवाहाटी से लगभग 126 किमी दूर है। संभागीय मुख्यालय के अधिकारियों के साथ दुर्घटना राहत ट्रेनें पहले से ही मौके पर मौजूद हैं। एनएफ के महाप्रबंधक सहित वरिष्ठ रेलवे अधिकारी, रेलवे और लुमडिंग के मंडल रेल प्रबंधक भी घटनास्थल पर पहुंचे।

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