प्रदर्शनकारियों पर पुलिस बर्बरता की निंदा
नयी दिल्ली: कांग्रेस ने असम के गोलकगंज में अनुसूचित जाति का दर्जा पाने के लिए मार्च निकाल रहे कोच राजबोंगशी समुदाय के लोगों पर पुलिस लाठीचार्ज को बर्बर बताते हुए इसकी कड़ी आलोचना की है और कहा है कि इससे असम के मूल निवासियों के प्रति भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का असली चेहरा सामने आ गया है।गोलकगंज में राजबोंगशी समुदाय के हजारों युवकों ने गुरुवार को अनुसूचित जनजाति की सूचि में शामिल होने के लिए विशाल मार्च किया जिसमें प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ भिडंत हो गयी और असंख्य प्रदर्शनकारी पुलिस लाठीचार्ज में गंभीररूप से घायल हो गये।
कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने पुलिस कार्रवाई में सिर पर खून बहते एक व्यक्ति की तस्वीर सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर हमले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा “मैं अनुसूचित जन जाति का दर्जा पाने के लिए शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग उठा रहे छात्रों पर मैं गोलकगंज में कोच-राजबोंगशी में हुए क्रूर हमले की कड़ी निंदा करता हूँ।”उन्होंने इसे शर्मनाक बताया और कहा कि यह घटना असम सरकार के मूलनिवासियों के अधिकारों और सम्मान के प्रति उपेक्षा को उजागर करती है। इस क्रूरता से मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की मूलनिवासियों और युवाओं के प्रति उदासीनता उजागर हो गई है। असम के युवा सम्मान, संवाद और अवसर पाने के हकदार हैं, दमन और उपेक्षा के नहीं।
कांग्रेस ने असम पुलिस की इस कार्रवाई को बर्बरता करार देते हुए इसकी कड़ी निंदा की और कहा कि छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अनुसूचित जनजाति का दर्जा पाने की मांग रहे थे। पार्टी ने इसे भाजपा का असली चेहरा बताया और कहा कि अपने मौलिक अधिकारों की मांग कर रहे निर्दोष लोगों पर यह हमला असम सरकार पर एक कलंक है और यह घटना मूल निवासियों के प्रति भाजपा सरकार की उदासीनता को उजागर करती है। संवाद और न्याय के बजाय, उन्हें दमन और विश्वासघात का सामना करने के लिए मजबूर किया गया है। असम के जीवंत युवा अवसर, सम्मान और अपनी मूल संस्कृति के प्रति सम्मान के हकदार हैं। निर्दोषों पर इस क्रूर हमले को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
