संस्था पौरुष ने की अनोखी पहल
इंदौर:इस बार दशहरे पर शहर में अनोखा आयोजन देखने को मिलेगा. रावण दहन की परंपरा को अलग रूप देते हुए संस्था पौरुष ने घोषणा की है कि इस बार रावण का नहीं बल्कि 11 मुखों वाली शूर्पणखा का दहन किया जाएगा. इन मुखों में उन महिलाओं के चेहरे शामिल होंगे, जिन्होंने समाज को शर्मसार करने वाले अपराधों को अंजाम दिया.संस्था के अशोक दशोरा ने बताया कि आयोजन का मकसद यह संदेश देना है कि बुराई चाहे किसी भी रूप में हो, उसका अंत होना जरूरी है.
इसके लिए पोस्टर भी जारी किए गए हैं, जिन पर लिखा है मॉडर्न कलयुगी शूर्पणखाएं. ये पोस्टर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं और अब शहर की सड़कों पर ऑटो, मैजिक और अलाउंस के जरिए भी प्रचार किया जाएगा. संस्था ने बताया कि दशहरे के दिन शाम 6.30 बजे महालक्ष्मी नगर मेला ग्राउंड पर शूर्पणखा दहन किया जाएगा. इससे पहले मेला ग्राउंड से बाम्बे हॉस्पिटल तक ढोल-नगाड़ों और झांकियों के साथ शूर्पणखा व उसकी सेना का जुलूस निकाला जाएगा. इस आयोजन में रघुवंशी समाज के लोग भी शामिल होंगे. आयोजकों का कहना है कि परंपरा बदलने का उद्देश्य केवल यह बताना है कि बुराई किसी भी रूप में हो चाहे पुरुष हो या महिला उसका अंत होना अनिवार्य है.
यह शामिल होंगी 11 कलयुगी शूर्पणखाएं…
पुतले में उन 11 महिलाओं के चेहरे दिखाए जाएंगे, जो विभिन्न आपराधिक मामलों में चर्चित रही हैं. इनमें सोनम रघुवंशी, नीले ड्रम कांड की मुस्कान, हर्षा, निकिता सिंघानिया, सुष्मिता, रविता, शशि, सूचना सेठ, हंसा, चमन उर्फ गुड़िया और प्रियंका के नाम शामिल हैं.
