मध्य प्रदेश

धार्मिक मंचों का नहीं होना चाहिए उपयोग लोकप्रियता के लिए

खरगोन: शहर के सनावद रोड़ पर चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का रसपान कराने पहुंचे वृंदावन के प्रख्यात कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय ने कथा के पांचवे दिन पत्रकारों से मुलाकात की। पत्रकार वार्ता के दौरान श्री इंद्रेश महाराज ने कथा वाचकों पर लग रहे आरोपों पर अपनी बेबाक राय रखते हुए कहा कि वक्ता अध्यात्मिक होकर विश्वास और अधिकार के साथ श्रोता को कुछ सीख देता है, तो उससे नाराजगी नही होनी चाहिए। आजकल धर्म मंच लोकप्रियता जल्दी मिलती है, इसलिए कुछ लोग इसका दुरुपयोग भी करने लगे है, जो गलत है।

कलयुग में बढ़ते अनाचार, अत्याचार, व्यभिचार के सवाल पर कहा द्वापर, सतयुग, त्रेतायुग में राक्षसों के चेहरे होते थे, लेकिन कलयुग ऐसा काल है, जिसमें हर इंसान के भीतर एक राक्षस है। बीफ एक्सपोर्ट पर नाराजगी जताते हुए कहा कि विदेशों में सबसे ज्यादा एक्सपोर्ट भारत से हो रहा है, यह चिंता का विषय है। यदि हम इस आर्थिक लाभ को दरकिनार कर गौपालन करेंगे तो कई गुना लाभ मिलेगा।

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