राष्ट्रपति मुर्मू का देश के नाम संदेश
80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश को संबोधित किया। उन्होंने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। राष्ट्रपति ने कहा कि कुछ ही घंटों बाद भारत की आजादी के 80वें साल की शुरुआत होने जा रही है। उन्होंने कहा कि भारत 2047 तक विकसित देश बनने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है। राष्ट्रपति ने हर नागरिक से देश के लिए जागरूक रहने और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने की अपील की।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले भारतीय स्वतंत्रता दिवस का त्योहार खुशी के साथ मनाते हैं। उन्होंने कहा कि हर भारतीय को अपने सपनों को पूरा करने के साथ देश सर्वश्रेष्ठ बनाने में भी अपनी भूमिका निभानी चाहिए। देश की तरक्की में योगदान देना ही आजादी की असली कीमत है।
उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों, वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों, मजदूरों और किसानों की मेहनत की तारीफ की। राष्ट्रपति ने कहा कि सभी लोग अपने-अपने काम से देश को आगे बढ़ाने में मदद कर रहे हैं।
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि हमारा संविधान जनता की भागीदारी पर आधारित है। देश के लोग इस भावना को लगातार आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने इसे भारतीय लोकतंत्र की बड़ी ताकत बताया। राष्ट्रपति ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस की भी बात की। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक हिंसा के कारण लाखों लोगों को अपना घर छोड़कर शरणार्थी बनना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने अपनी पहचान नहीं छोड़ी
